बाल-विहार अमरीका में हिंदी

बाल-विहार

मिट्टी की खुशबू / श्रेया पेशोरी

 

हम नही जानते

की हम कितना खाते

किसान के काम

में है शोभा और नाम

 

लम्बे दिन और लम्बी रात

जमीन में है उनके हाथ

भारत की जान

है ये किसान की शान

 

प्यार से करते मेहनत

पर हम नही सोचते, है ना?

मिट्टी की खुशबू और उनके फल

किसान का त्याग और अनके हल

 

किसान नहीं तो हम नहीं

हमारे लिये खाना नहीं

हमे मानना चहिये उनका अहसान

देते है हमे भोजन का दान

कितने अच्छे है हमारे किसान

देश में वह सबसे महान